“तो आप लोग वहाँ बैठे हुए आखिर क्या कर रहे हैं ?” अकबर ने तनिक क्रोध में कहा- “इन छोटे-छोटे किलों की रक्षा के लिए सल्तनत (साम्राज्य) की ओर से जो इतना रुपया खर्च किया जा रहा है, वह क्या इसीलिए कि आप लोग मिट्टी के माधो बने रहें ! इसी वीरता पर घमण्ड था…
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“यह भी कर देखिये, राजा साहब !” अकबर ने कहा — “पर अब अधिक देर नहीं होनी चहिये ।” अकबर ने फिर राजा भगवानदास की तरफ देखते हुए कहा — “हम नहीं चाहते की प्रताप जैसा महत्वपूर्ण व्यक्ति हठ करके युद्ध की भेंट हो जाय ! आप अभी-अभी रिश्ते की बात कर रहे थे न,…
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